अरे दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि एक अकेले व्यक्ति के फैसले कैसे पूरी इंडस्ट्री को बदल सकते हैं? आज हम बात करने वाले हैं एक ऐसे ही कमाल के शख्सियत, सर्जियो मार्चियोने (Sergio Marchionne) की, जिन्होंने कॉर्पोरेट जगत में मर्जर और एक्विजिशन (M&A) को एक नया आयाम दिया। उनके हर कदम में एक दूरदर्शिता और जोखिम उठाने की हिम्मत दिखती थी, जिससे उन्होंने कई कंपनियों को डूबने से बचाया और उन्हें नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। मैंने खुद देखा है कि कैसे उनके साहसिक फैसलों ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में भूचाल ला दिया था, और ईमानदारी से कहूं तो, उनके जैसा लीडर मिलना मुश्किल है। यह सिर्फ कंपनियों को खरीदने-बेचने का खेल नहीं था, बल्कि एक मास्टरमाइंड की चालें थीं जिन्होंने भविष्य को आकार दिया। चलिए, उनके कमाल के M&A सफर और उनसे जुड़े रोमांचक किस्सों को और गहराई से जानते हैं।
उद्योग को नया मोड़ देने वाला एक दूरदर्शी

साहस और दूरदर्शिता का अद्भुत मेल
दोस्तों, सर्जियो मार्चियोने का नाम सुनते ही मेरे दिमाग में सबसे पहले उनकी वो निडर छवि उभरती है, जिन्होंने कभी भी मुश्किलों से मुंह नहीं मोड़ा। मुझे आज भी याद है, जब ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही थी, तब उन्होंने जो फैसले लिए, वे किसी भी आम सीईओ के दायरे से कहीं बाहर थे। उन्होंने सिर्फ कंपनियों को एक-दूसरे के साथ मिलाने का काम नहीं किया, बल्कि उनमें एक नई जान फूंक दी। उनके हर कदम में एक गहरी सोच और भविष्य को देखने की क्षमता साफ झलकती थी। उन्होंने समझा कि सिर्फ बड़े पैमाने पर उत्पादन ही कंपनियों को बचा सकता है, और इसके लिए मर्जर और एक्विजिशन ही सबसे सीधा रास्ता है। यह कोई आसान काम नहीं था, सच कहूं तो कई बार मुझे लगा कि क्या यह संभव भी होगा, लेकिन उन्होंने कर दिखाया। उन्होंने दिखाया कि जोखिम उठाना कितना जरूरी है, खासकर जब आप पूरी इंडस्ट्री को बदलने का सपना देखते हों। यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं था, यह था एक विजन जो उन्होंने सबके सामने रखा और उसे हकीकत में बदल दिया।
पारंपरिक सोच को चुनौती
ईमानदारी से कहूं तो, मार्चियोने की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि उन्होंने कभी भी ‘जैसा चल रहा है, चलने दो’ वाली सोच को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने हमेशा पारंपरिक तरीकों को चुनौती दी और नए समाधानों की तलाश की। मुझे याद है कि कैसे उनके आलोचक उन्हें ‘असंभव’ कहने वाले व्यक्ति के रूप में देखते थे, लेकिन उन्होंने उन सभी को गलत साबित किया। उनका मानना था कि अगर आप बदलाव नहीं करेंगे, तो बाजार आपको बदल देगा, और यह बदलाव अक्सर बहुत कठोर होता है। उन्होंने कंपनियों को उनके ‘कंफर्ट जोन’ से बाहर निकाला और उन्हें एक नई दिशा दी। उनके इस तरीके से कई लोगों को असहजता महसूस हुई, लेकिन अंततः उनके फैसलों ने कंपनियों को मजबूत बनाया। यह सिर्फ बड़े कॉरपोरेट सौदे नहीं थे, बल्कि यह उनकी अपनी अनुभवजन्य समझ थी कि उद्योग को कैसे आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने साबित किया कि कभी-कभी सबसे कट्टरपंथी कदम ही सबसे बुद्धिमानी वाले साबित होते हैं।
संकट से उबरने का मास्टरी मंत्र
डूबती कंपनियों के लिए एक तारणहार
अगर आप मुझसे पूछें कि सर्जियो मार्चियोने को एक शब्द में कैसे परिभाषित करूं, तो मैं कहूंगा ‘संकटमोचक’। मुझे आज भी वो दिन याद है जब फिएट खुद कई मुश्किलों से जूझ रहा था, और फिर भी उन्होंने क्रिसलर जैसी डूबती हुई अमेरिकी दिग्गज को बचाने का बीड़ा उठाया। यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। कई लोग कहते थे कि यह एक आत्मघाती कदम होगा, लेकिन मार्चियोने ने इसमें एक अवसर देखा। उन्होंने न सिर्फ क्रिसलर को दिवालिया होने से बचाया, बल्कि उसे एक लाभदायक कंपनी में बदल दिया। यह दर्शाता है कि उनमें कितनी हिम्मत और दृढ़ संकल्प था। उन्होंने साबित किया कि सही रणनीति और मजबूत इरादों के साथ किसी भी मुश्किल से पार पाया जा सकता है। उन्होंने कर्मचारियों को एक नई उम्मीद दी और निवेशकों का भरोसा फिर से जीता। यह सिर्फ वित्तीय बचाव नहीं था, बल्कि एक सांस्कृतिक परिवर्तन था जिसे उन्होंने प्रेरित किया। मेरे अनुभव में, ऐसे लीडर बहुत कम देखने को मिलते हैं जो इतने बड़े जोखिम उठाते हैं और उनमें सफल भी होते हैं।
लागत कम करने और दक्षता बढ़ाने पर जोर
मार्चियोने की रणनीति का एक और अहम हिस्सा था लागत कम करना और परिचालन दक्षता बढ़ाना। उन्होंने कंपनियों में मौजूद अतिरिक्त खर्चों को खत्म करने और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने पर बहुत जोर दिया। मैंने देखा है कि कैसे उन्होंने फिएट और क्रिसलर दोनों में ही हर विभाग में बारीक नजर रखी और उन जगहों को पहचाना जहां सुधार की गुंजाइश थी। वे सिर्फ बड़े सौदे करने वाले व्यक्ति नहीं थे, बल्कि वे जमीनी स्तर पर काम करने वाले एक व्यावहारिक लीडर भी थे। उनका मानना था कि अगर कंपनी अंदर से मजबूत नहीं होगी, तो कोई भी मर्जर सफल नहीं हो सकता। उन्होंने अनावश्यक परतों को हटाया, टीमों को एकजुट किया और सुनिश्चित किया कि हर विभाग अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर हो। उनके इस अनुशासन ने कंपनियों को न केवल आर्थिक रूप से स्थिर किया, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए एक मजबूत नींव भी दी। यह एक ऐसा सबक है जो हर व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण है।
विलय और अधिग्रहण: सिर्फ सौदे नहीं, रणनीतिक चालें
दीर्घकालिक विजन के साथ एकीकृत दृष्टिकोण
मेरे हिसाब से, मार्चियोने के मर्जर और एक्विजिशन को सिर्फ ‘खरीद-बिक्री’ कहना गलत होगा। वे जानते थे कि एक सफल विलय सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं होती, बल्कि यह दो संस्कृतियों, दो टीमों और दो अलग-अलग विजन को एक साथ लाना होता है। मुझे याद है कि उन्होंने कितनी मेहनत की थी यह सुनिश्चित करने के लिए कि फिएट और क्रिसलर के कर्मचारी एक ही लक्ष्य के लिए काम करें। उन्होंने सिर्फ कंपनियों को नहीं मिलाया, बल्कि उनके भविष्य को भी एकीकृत किया। उनका दीर्घकालिक विजन स्पष्ट था कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्था (economies of scale) कितनी जरूरी है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि दोनों कंपनियों के उत्पाद, इंजीनियरिंग और वितरण नेटवर्क एक-दूसरे के पूरक बनें, जिससे एक मजबूत वैश्विक खिलाड़ी का उदय हो सके। यह एक मास्टर शतरंज खिलाड़ी की तरह था, जहां हर चाल भविष्य के कई चालों को ध्यान में रखकर चली जाती थी।
अनोखे सौदे और निडर बातचीत
मार्चियोने अपनी निडर बातचीत शैली के लिए भी जाने जाते थे। मुझे याद है कि कैसे उन्होंने अमेरिकी सरकार और यूनियन के साथ क्रिसलर के बचाव के लिए बातचीत की थी। वे बहुत ही सीधे और अपनी बात पर अड़े रहने वाले व्यक्ति थे, लेकिन उनके इरादे हमेशा स्पष्ट थे कि वे कंपनी और उसके कर्मचारियों के हित में काम कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे सौदे किए जो उस समय असंभव लग रहे थे, लेकिन उन्होंने अपनी दृढ़ता और तर्क के बल पर उन्हें संभव बनाया। वे जानते थे कि उन्हें क्या चाहिए और वे उसे हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थे, बशर्ते वह सही हो। यह उनके व्यक्तित्व का एक मजबूत पहलू था जिसने उन्हें कॉर्पोरेट जगत में एक अलग पहचान दी। उनके अनूठे दृष्टिकोण ने कई कंपनियों को एक नई राह दिखाई और दिखाया कि कैसे मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों में भी राह निकाली जा सकती है।
फिएट और क्रिसलर की अद्भुत कहानी
इतिहास के पन्नों में दर्ज एक ऐतिहासिक विलय
अगर आप मुझसे पूछें कि सर्जियो मार्चियोने की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या थी, तो मैं बिना किसी झिझक के फिएट और क्रिसलर के विलय का नाम लूंगा। यह सिर्फ दो कंपनियों का मिलन नहीं था, बल्कि दो महाद्वीपों की ऑटोमोबाइल विरासत का एकीकरण था। मुझे याद है कि जब यह खबर पहली बार आई थी, तो कई लोगों को इसमें संदेह था, लेकिन मार्चियोने ने अपनी दूरदर्शिता से सबको गलत साबित कर दिया। उन्होंने फिएट को क्रिसलर की तकनीक और अमेरिकी बाजार तक पहुंच दी, और क्रिसलर को फिएट के छोटे इंजन और यूरोपीय डिजाइन का लाभ मिला। यह एक परफेक्ट तालमेल था जिसने दोनों कंपनियों को एक-दूसरे के पूरक बनने का मौका दिया। इस विलय ने न केवल इन कंपनियों को बचाया बल्कि उन्हें एक वैश्विक ऑटोमोबाइल पावरहाउस ‘फिएट क्रिसलर ऑटोमोबाइल्स’ (FCA) में बदल दिया। यह मेरे लिए एक वास्तविक प्रेरणा है कि कैसे एक लीडर की दृढ़ता और सही निर्णय से पूरी इंडस्ट्री का नक्शा बदल सकता है।
एक नई वैश्विक ऑटोमोबाइल दिग्गज का जन्म

इस विलय से जो नई कंपनी बनी, वह सिर्फ कागजों पर बड़ी नहीं थी, बल्कि उसने बाजार में अपनी एक मजबूत पकड़ बनाई। मार्चियोने ने सुनिश्चित किया कि FCA एक एकीकृत इकाई के रूप में काम करे, जहां एक-दूसरे के संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो। उन्होंने नई उत्पाद रणनीतियों पर काम किया, जैसे कि जीप ब्रांड का वैश्विक विस्तार, जो कि एक बड़ी सफलता साबित हुआ। मुझे याद है कि जीप कैसे एक अमेरिकी आइकन से एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बन गया। यह मार्चियोने की रणनीतिक सोच का ही नतीजा था। उन्होंने दिखाया कि कैसे एक सफल विलय सिर्फ संख्याओं का खेल नहीं होता, बल्कि यह एक साझा दृष्टिकोण और मजबूत ब्रांड पोर्टफोलियो बनाने के बारे में होता है। उनका मानना था कि अगर आपके पास मजबूत ब्रांड हैं और आप उन्हें सही तरीके से ग्लोबल मार्केट में पेश करते हैं, तो सफलता निश्चित है।
नेतृत्व की वह मिसाल, जो आज भी प्रेरणा देती है
असाधारण कार्य नीति और अथक प्रयास
दोस्तों, मार्चियोने की कार्यशैली को देखकर सच में लगता था कि कोई इंसान इतने घंटे कैसे काम कर सकता है! मुझे आज भी याद है कि उनके बारे में अक्सर कहा जाता था कि वे 24/7 काम करते हैं। यह कोई अतिशयोक्ति नहीं थी, बल्कि उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण था। उनकी यह अथक प्रयास न केवल उनके लिए प्रेरणादायक था, बल्कि उन्होंने अपनी टीम को भी यही भावना सिखाई। उन्होंने दिखाया कि सफलता के लिए सिर्फ बुद्धिमत्ता ही काफी नहीं होती, बल्कि उसके लिए लगातार कड़ी मेहनत और समर्पण भी जरूरी है। उनके नेतृत्व में टीमों ने असंभव लगने वाले लक्ष्यों को प्राप्त किया क्योंकि वे जानते थे कि उनका लीडर खुद सबसे आगे बढ़कर काम कर रहा है। यह एक ऐसा गुण है जो किसी भी संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है, और मैंने इसे अपनी आंखों से देखा है।
कर्मचारियों को सशक्त बनाने का तरीका
हालांकि मार्चियोने अपनी मांगों के लिए जाने जाते थे, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने कर्मचारियों को सशक्त बनाने में विश्वास किया। वे चाहते थे कि हर कोई अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करे। मुझे याद है कि कैसे उन्होंने निर्णय लेने की प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत करने की कोशिश की, ताकि टीमों को अधिक स्वायत्तता मिल सके। उनका मानना था कि सबसे अच्छे विचार अक्सर नीचे से आते हैं, और इसलिए उन्होंने एक ऐसा माहौल बनाया जहां लोग बेझिझक अपने विचार साझा कर सकें। उन्होंने लोगों पर भरोसा किया और उन्हें जिम्मेदारी दी, जिससे उनमें स्वामित्व की भावना पैदा हुई। यह सिर्फ आदेश देने वाला नेतृत्व नहीं था, बल्कि यह एक ऐसा नेतृत्व था जो लोगों को प्रेरित करता था कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। मेरे अनुभव में, ऐसे लीडर जो अपनी टीम में विश्वास करते हैं, वही सबसे बड़ी सफलता प्राप्त करते हैं।
मार्चियोने की विरासत: एक नया मानदंड
कॉर्पोरेट जगत के लिए एक नई सीख
सर्जियो मार्चियोने आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी विरासत कॉर्पोरेट जगत में एक मिसाल बन चुकी है। उन्होंने मर्जर और एक्विजिशन के क्षेत्र में जो नए मानदंड स्थापित किए, वे आज भी अध्ययन का विषय हैं। मुझे याद है कि उनके जाने के बाद भी, उनकी रणनीतियों और कार्यप्रणाली पर कितनी चर्चा हुई थी। उन्होंने सिखाया कि सिर्फ वित्तीय लाभ के लिए कंपनियों का अधिग्रहण नहीं करना चाहिए, बल्कि एक एकीकृत और मजबूत भविष्य बनाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने दिखाया कि एक लीडर कैसे अपनी दूरदर्शिता, साहस और दृढ़ संकल्प से न केवल कंपनियों को बचा सकता है, बल्कि उन्हें एक नई दिशा भी दे सकता है। यह एक ऐसी सीख है जो किसी भी व्यवसायिक लीडर के लिए अमूल्य है, चाहे वे किसी भी उद्योग में हों।
आज भी कायम है उनका प्रभाव
मार्चियोने का प्रभाव आज भी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में साफ देखा जा सकता है। फिएट क्रिसलर ऑटोमोबाइल्स (FCA) का PSA ग्रुप के साथ विलय होकर स्टेलेंटिस (Stellantis) का बनना, उनकी ‘बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्था’ की सोच का ही विस्तार था। यह दर्शाता है कि उन्होंने जो नींव रखी थी, वह कितनी मजबूत थी। उनके द्वारा स्थापित सिद्धांत आज भी कंपनियों को यह समझने में मदद करते हैं कि बदलते बाजार में कैसे जीवित रहना है और कैसे आगे बढ़ना है। मेरे हिसाब से, वे सिर्फ एक सीईओ नहीं थे, बल्कि एक ऐसे रणनीतिकार थे जिन्होंने उद्योग के सोचने के तरीके को हमेशा के लिए बदल दिया। उनकी कहानी हमें यह सिखाती है कि कैसे एक व्यक्ति अपने बोल्ड निर्णयों और अटूट प्रतिबद्धता से असंभव को संभव बना सकता है।
| रणनीतिक सिद्धांत | विवरण |
|---|---|
| साहसिक जोखिम | उन्होंने हमेशा बड़े और साहसिक कदम उठाए, यहां तक कि जब संभावनाएं धूमिल दिख रही थीं। उनका मानना था कि बिना जोखिम के बड़ी सफलता संभव नहीं है। |
| तीव्र एकीकरण | विलय के बाद वे तेजी से कंपनियों को एकीकृत करने पर जोर देते थे ताकि समय और संसाधनों की बर्बादी न हो। |
| ऋण पर नियंत्रण | वित्तीय स्थिरता के लिए ऋण को कम करने और नकदी प्रवाह को मजबूत करने पर उनका विशेष ध्यान था। |
| वैश्विक दृष्टिकोण | उन्होंने हमेशा एक वैश्विक खिलाड़ी बनने का लक्ष्य रखा, स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं रहे। |
| परिचालन दक्षता | लागत कम करने और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए वे हर विभाग की सूक्ष्मता से जांच करते थे। |
글 को समाप्त करते हुए
दोस्तों, सर्जियो मार्चियोने की कहानी सिर्फ एक सीईओ की नहीं, बल्कि एक ऐसे दूरदर्शी नेता की है जिन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया। उन्होंने हमें सिखाया कि बदलाव और जोखिम उठाने से ही बड़ी सफलता मिलती है। उनके अनुभव हमें यह बताते हैं कि दृढ़ संकल्प, स्पष्ट दृष्टि और अथक परिश्रम किसी भी चुनौती का सामना करने की कुंजी है। मुझे उम्मीद है कि उनकी यह यात्रा आपको भी अपने जीवन और व्यवसाय में नए कदम उठाने के लिए प्रेरित करेगी। उनके नेतृत्व ने दिखाया कि कैसे हम अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर कुछ ऐसा हासिल कर सकते हैं जो दूसरों के लिए मिसाल बन जाए।
जानने योग्य उपयोगी जानकारी
1. बाजार में आने वाले नए रुझानों पर हमेशा नजर रखें। मार्चियोने ने समझा कि ऑटोमोबाइल उद्योग बदल रहा है और बड़े पैमाने पर उत्पादन ही कंपनियों को प्रतिस्पर्धी बनाए रख सकता है। आपके व्यवसाय में भी ऐसे ही बदलाव आ रहे होंगे, उन्हें पहचानें और उनके अनुसार अपनी रणनीति बदलें।
2. जोखिम लेने से न डरें, लेकिन समझदारी से। सर्जियो ने क्रिसलर जैसी डूबती हुई कंपनी को बचाया, जो एक बड़ा जोखिम था। लेकिन यह जोखिम उनकी गहरी समझ और भविष्य की योजनाओं पर आधारित था। सोच-समझकर उठाए गए कदम ही आपको आगे बढ़ा सकते हैं।
3. लागत नियंत्रण और दक्षता बढ़ाना किसी भी व्यवसाय की रीढ़ है। उन्होंने अपनी कंपनियों में अनावश्यक खर्चों को खत्म किया और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया। यह छोटे व्यवसायों के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि बड़ी कंपनियों के लिए, क्योंकि यह आपके लाभ मार्जिन को बढ़ाता है।
4. एक मजबूत टीम बनाएं और उन्हें सशक्त करें। मार्चियोने अपनी टीम के हर सदस्य से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद करते थे, लेकिन साथ ही उन्हें निर्णय लेने की स्वतंत्रता भी देते थे। एक मजबूत टीम ही आपको बड़े लक्ष्य हासिल करने में मदद कर सकती है।
5. लंबे समय की सोच रखें। उनके विलय और अधिग्रहण सिर्फ तात्कालिक फायदे के लिए नहीं थे, बल्कि एक मजबूत वैश्विक कंपनी बनाने के दीर्घकालिक विजन का हिस्सा थे। अपने हर कदम को भविष्य के लक्ष्यों से जोड़कर देखें।
महत्वपूर्ण बातों का सारांश
सर्जियो मार्चियोने ने ऑटोमोबाइल उद्योग में एक नई मिसाल कायम की। उनका नेतृत्व साहस, दूरदर्शिता और अथक प्रयास का एक बेजोड़ संगम था। उन्होंने पारंपरिक सोच को चुनौती दी, संकटों को अवसरों में बदला और फिएट तथा क्रिसलर जैसी कंपनियों को एक साथ लाकर एक वैश्विक दिग्गज का निर्माण किया। उनके रणनीतिक विलय, लागत कम करने पर जोर और कर्मचारियों को सशक्त बनाने की पद्धति ने उन्हें कॉर्पोरेट जगत का एक असाधारण नेता बना दिया। उनकी विरासत आज भी हमें यह सिखाती है कि कैसे दृढ़ इच्छाशक्ति और सही निर्णयों से असंभव दिखने वाले लक्ष्यों को भी प्राप्त किया जा सकता है। वह सिर्फ एक प्रबंधक नहीं, बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक थे जिन्होंने दिखाया कि कैसे एक लीडर अपनी दूरदर्शिता से पूरी इंडस्ट्री का भविष्य बदल सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) 📖
प्र: सर्जियो मार्चियोने के M&A के फैसले दूसरे कॉर्पोरेट दिग्गजों से इतने अलग क्यों थे?
उ: देखिए, मेरे हिसाब से सर्जियो मार्चियोने का सबसे बड़ा गुण उनकी हिम्मत थी. वे पारंपरिक नियमों से बंधकर नहीं चलते थे, बल्कि हमेशा कुछ नया करने की सोचते थे.
दूसरे CEO जहां सोच-विचार में ही सालों लगा देते थे, मार्चियोने बिजली की रफ्तार से फैसले लेते थे. उन्होंने कभी भी जोखिम लेने से परहेज नहीं किया. जैसे, जब Fiat और Chrysler दोनों ही डूबने की कगार पर थे, तब मार्चियोने ने उनमें भविष्य देखा और उन्हें जोड़ने का बेमिसाल फैसला लिया.
उन्होंने सिर्फ कागजी सौदे नहीं किए, बल्कि कंपनियों की जड़ों तक जाकर ऑपरेशनल बदलाव लाए, लागत कम की, और कर्मचारियों को भी इस बदलाव का हिस्सा बनाया. वे हमेशा इस बात पर जोर देते थे कि कंपनी के अंदर से बदलाव आना चाहिए, न कि सिर्फ ऊपर से.
उनके लिए ‘तेजी’ ही सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी फायदा था. वे ब्यूरोक्रेसी को हटाकर संगठन को ‘चपटा’ (flatten) बनाना चाहते थे ताकि फैसले जल्दी हों और मार्केट की जरूरतों को तुरंत पूरा किया जा सके.
मैंने महसूस किया है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत थी कि वे किसी भी चीज़ को उसकी मौजूदा हालत में नहीं देखते थे, बल्कि उसके छिपे हुए पोटेंशियल को पहचान लेते थे.
प्र: Fiat और Chrysler का विलय उनके सबसे बड़े M&A सफलताओं में से एक क्यों माना जाता है?
उ: सच कहूँ तो, Fiat और Chrysler का विलय एक ऐसा कदम था, जिसे उस समय कई लोगों ने ‘पागलपन’ कहा था. 2009 में जब अमेरिकी सरकार Chrysler को बचाने की कोशिश कर रही थी, तब Marchionne ने उसमें संभावनाएं देखीं.
Chrysler दिवालिया होने की कगार पर था और उसे अरबों डॉलर का सरकारी कर्ज चुकाना था. Marchionne ने इस चुनौती को स्वीकार किया और शुरुआती 20% हिस्सेदारी खरीदी, और 2014 तक Fiat ने Chrysler पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया.
उन्होंने इस विलय के बाद जो जादू किया, वह वाकई अविश्वसनीय था. उन्होंने दोनों कंपनियों की खूबियों को पहचाना – Fiat की छोटी कारों में विशेषज्ञता और Chrysler के SUVs और ट्रकों का मजबूत पोर्टफोलियो.
Marchionne ने कर्मचारियों को सशक्त किया, उन्हें जोखिम लेने की आजादी दी, और एक सपाट संगठनात्मक ढांचा बनाया जिससे निर्णय लेने में तेजी आई. मुझे याद है कि कैसे उन्होंने Jeep ब्रांड पर खास ध्यान दिया, जो एक अमेरिकी आइकन था, और उसे वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया.
इस विलय ने न केवल दोनों कंपनियों को बचाया, बल्कि उन्हें एक वैश्विक ऑटोमोबाइल पावरहाउस, Fiat Chrysler Automobiles (FCA) में बदल दिया. यह मार्चियोने के दूरदर्शी सोच और बेजोड़ क्रियान्वयन का ही परिणाम था कि यह विलय इतनी बड़ी सफलता बना.
प्र: सर्जियो मार्चियोने ने M&A की दुनिया में क्या स्थायी विरासत छोड़ी है?
उ: सर्जियो मार्चियोने ने M&A की दुनिया में एक ऐसी विरासत छोड़ी है, जो आने वाली पीढ़ियों के नेताओं को प्रेरित करती रहेगी. उनकी सबसे बड़ी विरासत यह है कि उन्होंने साबित कर दिया कि कोई भी कंपनी इतनी खराब स्थिति में नहीं होती कि उसे बचाया न जा सके, बशर्ते आपके पास एक स्पष्ट दृष्टिकोण, अदम्य साहस और काम करने की लगन हो.
उन्होंने कॉर्पोरेट जगत को यह सिखाया कि M&A केवल वित्तीय सौदे नहीं होते, बल्कि यह सांस्कृतिक एकीकरण, परिचालन दक्षता और नए नेतृत्व को बढ़ावा देने का एक अवसर भी होता है.
Marchionne ने नेतृत्व के पारंपरिक ढोंग को तोड़ दिया; वह अक्सर अपने ट्रेडमार्क स्वेटर और जींस में दिखाई देते थे, जो उनकी सीधे-सादे और व्यावहारिक शैली को दर्शाता था.
उन्होंने अपनी ‘Confessions of a Capital Junkie’ रिपोर्ट में ऑटोमोबाइल उद्योग में समेकन (consolidation) की वकालत की, यह तर्क देते हुए कि लागत कम करने और उच्च मार्जिन प्राप्त करने के लिए उद्योग का एकीकरण आवश्यक है.
उनके सिद्धांतों – जैसे जोखिम उठाना, तेजी से निर्णय लेना, और नवाचार को बढ़ावा देना – आज भी व्यापारिक रणनीतियों में प्रासंगिक हैं. मुझे लगता है कि उनका जीवन और करियर इस बात का प्रमाण है कि एक अकेला व्यक्ति अपनी दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प से कैसे पूरे उद्योग की दिशा बदल सकता है.
उन्होंने वाकई एक अमिट छाप छोड़ी है!






